मनरेगा मजदूरों का संघर्ष और उनकी मांगे
मनरेगा मजदूरों का संघर्ष और उनकी मांगे
आज मनरेगा मजदूरों ने मनरेगा मजदूर यूनियन के नेतृत्व में SDM गोहाना आशीष कुमार जी से मिले और उनके माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन की तरफ से रेखा रानी ने कहा कि कोरोना की वजह से हुई तालाबंदी के दौरान फैक्ट्रीयों में छंटनी शुरु हो चुकी है जिसकी वजह से मजदूर परिवारों में बेरोजगारी बढ़ी है जिसको ध्यान में रखते हुए काम के दिन 100 से बढ़ाकर 200 किये जायें।
संतोष ने कहा कि अब मनरेगा के तहत अर्द्धकुशल के साथ साथ कुशल काम भी करवाया जाने लगा है और मनरेगा को भी मिनिमम वेज से जोड़ा जाये और दिहाड़ी 309 रू से बढ़ाकर 800 रू किये जाये। मन्दीप ने मांग की कि हमें गांव के अन्दर ही काम दिया जाए और मजदूरों का बीमा किया जाये। यूनियन के प्रदेश कमेटी सदस्य सुमित ने मांग की कि मुआवजा 25000 रू से बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया जाये और तमाम जरूरी सामान भी कार्यस्थल पर मुहैय्या करवाया जाये । इस मौके पर दर्जनों अन्य मनरेगा मजदूर भी उपस्थित रहे।
कोरोना की वजह से हुई तालाबंदी के कारण बहुत सारे महिला और पुरुष मजदूर गांव में मनरेगा स्कीम के तहत जुड़े हुए हैं जहां सैकड़ों समस्याओं ने उनकी जिंदगी को और दयनीय बना दिया है
आज मनरेगा मजदूरों ने मनरेगा मजदूर यूनियन के नेतृत्व में SDM गोहाना आशीष कुमार जी से मिले और उनके माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन की तरफ से रेखा रानी ने कहा कि कोरोना की वजह से हुई तालाबंदी के दौरान फैक्ट्रीयों में छंटनी शुरु हो चुकी है जिसकी वजह से मजदूर परिवारों में बेरोजगारी बढ़ी है जिसको ध्यान में रखते हुए काम के दिन 100 से बढ़ाकर 200 किये जायें।
संतोष ने कहा कि अब मनरेगा के तहत अर्द्धकुशल के साथ साथ कुशल काम भी करवाया जाने लगा है और मनरेगा को भी मिनिमम वेज से जोड़ा जाये और दिहाड़ी 309 रू से बढ़ाकर 800 रू किये जाये। मन्दीप ने मांग की कि हमें गांव के अन्दर ही काम दिया जाए और मजदूरों का बीमा किया जाये। यूनियन के प्रदेश कमेटी सदस्य सुमित ने मांग की कि मुआवजा 25000 रू से बढ़ाकर 10 लाख रुपए किया जाये और तमाम जरूरी सामान भी कार्यस्थल पर मुहैय्या करवाया जाये । इस मौके पर दर्जनों अन्य मनरेगा मजदूर भी उपस्थित रहे।

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