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Showing posts from August, 2020

क्या ये जिंदगी महत्त्व नहीं रखती???

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 जिस सीवर का ढक्कन खुलने के बाद लोग उसके पास नहीं खडे हो पाते उसमें अन्दर उतरते यें मजदूर भी इन्सान हैं? यह फोटो तिलक नगर/मॉडल टाउन रोहतक की है। सीवर में इस तरीके से उतर कर सफाई करने पर 2013 में संसद में कानून बनाकर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।   लेकिन यह अमानवीय परिस्थिति में काम आज भी जारी है। इन्ही परिस्थितियों में 2019 में रोहतक में 5 सीवर कर्मचारियों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन शासन और प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया और न ही कोई पुख्ता इंतजाम किये। इनको ऐसे ही बिना सुरक्षा इंतजाम और बिना उपयुक्त उपकरणों के काम करना होता है। *इतनी मेहनत के बावजूद इनको सिर्फ 9100 रुपए ही हर महीने मिल पाते हैं।* जबकि कागजों में  तो 15100 का दावा किया जा रहा है। क्या 15100 सो रुपए भी पर्याप्त हैं? लेकिन ये कर्मचारी चाहते हैं कि हमें 15100  से भी मिल जाएं तो भी हम खुश हैं।  इतनी मेहनत करने के बावजूद इतनी कम पगार पाने के बावजूद नीची जाति का ताना अलग रह जाता है। क्या सारे समाज की गंदगी को साफ करने वाले नीचे हो गये? और गन्दगी करने वाले ऊंचे? क्यों हम इस बारे में चर्चा कम ही करते हैं? क्...

श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ मेहनतकश जनता का संयुक्त अभियान

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श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ मेहनतकश जनता का संयुक्त अभियान 9 अगस्त 2020,को अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन में शामिल हों श्रम कानूनों में बदलाव के साथ ही सभी न्यायपसंद लोगों द्वारा मिलकर सरकार की तानाशाही का जवाब देने के लिए गांव-गांव, बस्तियों, शहरों में जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश के तमाम हिस्सों में काम करने वाले मजदूर संगठन, ट्रेड यूनियन, छात्र संगठन शामिल हैं। हरियाणा में मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान मासा के तहत बहुत सारे संगठन जमीनी स्तर पर लगातार मजदूरों छोटे किसानों दुकानदारों दिहाड़ी मजदूरी करने वालों के बीच गांव अभियान के तहत जा रहे हैं। जहां सरकार की जन विरोधी नीतियों का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है। गांव में बहुत बड़ी तादाद में लोक डाउन में हुई छंटनी के दौरान घर वापस आए मजदूर मिलते हैं। ज्यादातर आबादी बेरोजगारी के साथ गरीबी और महंगाई के दौर में तंग हाल जिंदगी जीने को मजबूर हैं। गांव अभियान के दौरान यह बात सामने आई कि मनरेगा स्कीम के तहत कुछ गांव में काम चल रहा है लेकिन इस स्कीम के तहत लगभग हर गांव में बड़े-बड़े घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है मजदूरों को काम क...